संपादक जगदीश यायावर
ई-कचरा प्रबंधन को जन-आंदोलन बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का लिया संकल्प,
ई-कचरा विशेष अभियान 6.0 के समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों ने ली पर्यावरण संरक्षण की शपथ
लाडनूं। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय में आयोजित ई-कचरा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने ई-कचरा प्रबंधन को जन-आंदोलन बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा संचालित विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत ई-कचरा (E-Waste) प्रबंधन के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे ‘ई-कचरा जागरूकता अभियान’ के समापन समारोह के अन्तर्गत शपथ ग्रहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं सतत विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता के संदेश के साथ हुआ।समारोह के दौरान उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों को ई-कचरा मुक्त एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे ई-कचरे का जिम्मेदारीपूर्वक प्रबंधन करेंगे तथा समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। साथ ही सभी प्रतिभागियों ने ई-कचरा प्रबंधन को जन-आंदोलन बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प व्यक्त किया।
ई-कचरा से मुक्ति के लिए रिड्यूस, रियूज और रिसायकल को अपनाएं
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन ने अपने उद्बोधन में ई-कचरे के बढ़ते दुष्प्रभावों, पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर इसके प्रतिकूल प्रभावों तथा इसके उचित निस्तारण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला तथा कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग के साथ ई-कचरे की मात्रा में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसका अनुचित निस्तारण मिट्टी, जल और वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों को ई-कचरा प्रबंधन के तीन प्रमुख सिद्धांतों रिड्यूस (कम उपयोग), रियूज (पुनः उपयोग) और रिसायकल (पुनर्चक्रण) को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विवेकपूर्ण उपयोग करने, अनुपयोगी उपकरणों को इधर-उधर न फेंकने तथा अधिकृत ई-कचरा संग्रहण एवं पुनर्चक्रण केंद्रों तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. गिरिराज भोजक ने भारत सरकार के विशेष अभियान 6.0 के विभिन्न कार्यक्रम में सहभागिता हेतु सभी संकाय सदस्यों एवं प्रतिभागियों का आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के सभी प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. मनीष भटनागर, डॉ. विष्णु कुमार, डॉ. अमिता जैन, डॉ. आभा सिंह, डॉ. गिरधारी लाल, डॉ. अनुजा आदि शामिल रहे। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. गिरिराज भोजक द्वारा किया गया।
