संपादक सुभाष चंद्र शर्मा
एनआरसीसी में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत कार्यशाला आयोजित
सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुशासन के आधार स्तंभ : डॉ. अनिल कुमार पूनिया, निदेशक, एनआरसीसी
‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ की थीम पर कार्मिकों को नैतिक दायित्वों एवं निवारक सतर्कता के प्रति किया जागरूक
Workshop organized at NRCC as part of Vigilance Awareness Week
बीकानेर, 1 Nov.। भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी) में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के अंतर्गत शुक्रवार को “लोक सेवा में निवारक सतर्कता, सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही” विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में केंद्र के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इसका उद्देश्य कार्मिकों को सेवा संबंधी नियमों, नैतिक दायित्वों तथा निवारक सतर्कता के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
केंद्र के निदेशक एवं कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने कहा कि सार्वजनिक संस्थानों में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुशासन के आधार स्तंभ हैं। प्रत्येक कार्मिक को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, निष्ठा एवं समर्पण के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की प्रतिष्ठा एवं कार्यकुशलता उसके कार्मिकों के आचरण और कार्यशैली से परिलक्षित होती है। अतः सभी कार्मिकों को निर्धारित नियमों का पालन करते हुए संस्थान के हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं कार्यालयाध्यक्ष श्री अखिल ठुकराल ने विषय पर व्याख्यान देते हुए केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियमों के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी कार्मिकों के अपेक्षित आचरण, भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों की अनुपालना, सरकार के हितों के विरुद्ध गतिविधियों से दूर रहने, गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा तथा आमजन के प्रति उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक सरकारी कार्मिक का आचरण संविधान एवं विधिसम्मत नियमों के अनुरूप होना चाहिए।
केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राकेश रंजन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यस्थल पर नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता एवं अनुशासन का पालन प्रत्येक कार्मिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने संस्थागत कार्यप्रणाली में नैतिकता एवं जवाबदेही को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
केंद्र के सतर्कता अधिकारी डॉ. श्याम सुंदर चौधरी ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह की इस वर्ष की थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्यनिष्ठा केवल व्यक्तिगत आचरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संगठन के प्रति निष्ठा एवं उत्तरदायित्व में भी परिलक्षित होनी चाहिए। उन्होंने निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के पालन, संस्थागत संसाधनों के पारदर्शी उपयोग तथा अनियमितताओं की रोकथाम के लिए निवारक सतर्कता अपनाने पर जोर दिया।
कार्यशाला के माध्यम से कार्मिकों को कार्यस्थल पर ईमानदारी, पारदर्शिता, अनुशासन एवं जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करने तथा संस्थागत कार्यों में निवारक सतर्कता को अपनाने का संदेश दिया गया।कार्यशाला के आयोजन में केंद्र के सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी श्री मनजीत सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
Workshop organized at NRCC as part of Vigilance Awareness Week
