Paytm Money और Nuvama AMC के नाम पर चल रहे फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप्स से रहें सावधान; राजस्थान साइबर पुलिस ने जारी की इन्वेस्टमेंट फ्रॉड एडवाइजरी
• फेसबुक-इंस्टाग्राम विज्ञापनों के जरिए फ्री स्टॉक एनालिसिस और गारंटीड रिटर्न का झांसा देकर फंसा रहे साइबर ठग; असली कंपनियों के लोगो और अधिकारियों के नाम का हो रहा है गलत इस्तेमाल
जयपुर, 10 जुलाई। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने Paytm Money और Nuvama AMC के नाम पर संचालित किए जा रहे फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप और निवेश धोखाधड़ी को लेकर आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर आकर्षक निवेश योजनाओं का लालच देकर लोगों को फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप और नकली निवेश प्लेटफॉर्म से जोड़ रहे हैं तथा उनसे बड़ी रकम की ठगी कर रहे हैं।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री विजय कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री स्टॉक एनालिसिस, स्पेशल इन्वेस्टमेंट ऑफर या गारंटीड रिटर्न जैसे आकर्षक विज्ञापन चलाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इन विज्ञापनों में Paytm Money और Nuvama AMC जैसी प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों के नाम और लोगो का दुरुपयोग किया जाता है ताकि लोगों का विश्वास जीता जा सके।
ऐसे देते हैं धोखाधड़ी को अंजाम
विज्ञापन पर क्लिक करते ही उपयोगकर्ता को एक संदिग्ध वेबसाइट पर भेजा जाता है, जहां “अप्लाई टू ज्वाइन” या “जॉइन व्हाट्सएप ग्रुप”का विकल्प दिया जाता है। इसके बाद पीड़ित को फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर कंपनी के अधिकारी बनकर निवेश की सलाह दी जाती है और अधिक मुनाफे या गारंटीड रिटर्न का झांसा दिया जाता है।
इसके बाद साइबर अपराधी पीड़ित से फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाते हैं या नकली वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराते हैं, जो असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसी दिखाई देती है। फिर निवेश के नाम पर विभिन्न म्यूल बैंक खातों में जल्द से जल्द राशि जमा कराने के लिए दबाव बनाया जाता है।
राजस्थान पुलिस की अपील
साइबर क्राइम शाखा ने आमजन से अपील की है कि-
° सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले निवेश संबंधी विज्ञापनों पर भरोसा न करें।
° गारंटीड रिटर्न या सीमित समय के ऑफर जैसे दावों से सतर्क रहें।
° किसी भी कंपनी की जानकारी केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही सत्यापित करें।
° अज्ञात व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल न हों और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
° बैंक खाता, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
° यदि कोई वेबसाइट, ऐप, ग्रुप या व्यक्ति संदिग्ध लगे तो तुरंत उससे बाहर निकलें, भुगतान रोक दें और संबंधित नंबर या लिंक को ब्लॉक कर दें।
° यदि गलती से किसी ऐसे ग्रुप में शामिल हो चुके हैं तो अपने बैंक खाते की गतिविधियों की तुरंत जांच करें और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं।
संदेह होने पर तुरंत करें शिकायत
राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सेबी पंजीकृत वित्तीय संस्था या निवेश कंपनी व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया विज्ञापन या फर्जी ऐप के माध्यम से गारंटीड रिटर्न का वादा कर निवेश करने के लिए नहीं कहती।
यदि आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है या साइबर ठग इस प्रकार का प्रयास करते हैं, तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाना, साइबर पुलिस स्टेशन, राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in, साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क 9256001930 और 9257510100 पर दें।
