जयपुर: नौकरी–प्रॉपर्टी के लालच में बेटी ने करवाई मां की हत्या, ताऊ और उसका बेटा भी साजिश में शामिल, 7 लाख की दी सुपारी
जयपुर: राजधानी जयपुर में रिश्तों को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जिसमें बेटी ने अनुकंपा नौकरी और प्रॉपर्टी के लालच में अपने ताऊ और उसके बेटे के साथ मिलकर अपनी ही मां की हत्या की साजिश रची. सुपारी देकर मां को रास्ते से हटवा दिया. सुपारी किलर्स ने कार से टक्कर मारकर महिला की हत्या कर दी ताकि हादसा लगे. लेकिन आखिरकार पूरा राज खुल गया. पुलिस ने बेटी और उसके ताऊ के साथ ही वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है. जयपुर (पूर्व) डीसीपी रंजीता शर्मा ने बताया कि नीरज शर्मा की हत्या की साजिश रचने के आरोप में उसकी बेटी आयुषी और जेठ मोहन स्वरूप को गिरफ्तार किया है. जबकि सुपारी लेकर वारदात को अंजाम देने वाले पांच आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. आयुषी के ताऊ का लड़का बलराम फिलहाल फरार है.
4 जुलाई को प्रताप नगर में मारी टक्कर:
उन्होंने बताया कि कोर्ट में लिपिक महिला नीरज शर्मा की 4 जुलाई को प्रताप नगर थाना इलाके में एक कार की टक्कर से मौत हो गई. महिला के 24 साल की एक बेटी आयुषी और 17 साल का दिव्यांग बेटा आर्यन है. वह सांगानेर के कल्याण नगर थर्ड में रहती थी. वह अपने दिव्यांग बेटे के उपचार के सिलसिले में प्रताप नगर गई थी. इस घटना को लेकर महिला के भाई विजय कुमार शर्मा ने प्रताप नगर थाने में एक मुकदमा दर्ज करवाया. जिसमें उन्होंने कार से टक्कर मारकर हत्या की आशंका जताई थी. उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि आयुषी ने उन्हें नीरज की मौत की खबर दी और फोन काट दिया. प्राथमिकी में परिजनों पर ही हत्या का अंदेशा जताया गया.
प्लॉट, जमीन और नौकरी बनी मौत की वजह:
पुलिस जांच में सामने आया कि नीरज शर्मा के पति विजय कुमार शर्मा कोर्ट में बाबू थे. करीब सालभर पहले उनकी मौत के बाद बेटी आयुषी नौकरी लगना चाह रही थी. इस संबंध में उसने अपनी मां से बात की, लेकिन बेटी के बजाए वह खुद नौकरी लगी. पड़ताल में यह भी सामने आया है कि विजय कुमार शर्मा के दो प्लॉट और भरतपुर के बमनपुरा में जमीन भी है. जो उनकी मौत के बाद नीरज के नाम हुए. बेटी आयुषी ने नौकरी और प्रॉपर्टी के लालच में ताऊ के बेटे बलराम और ताऊ मोहन स्वरूप के साथ मिलकर नीरज की हत्या की साजिश रची.
आरोपियों ने 7 लाख में दी थी हत्या की सुपारी:
सुपारी किलर्स से पूछताछ में सामने आया कि बलराम, मोहन स्वरूप और आयुषी ने खटनवाली (भरतपुर) निवासी हेमंत शर्मा को 7 लाख रुपए में नीरज की हत्या की सुपारी दी. हेमंत ने खिजूरी (भरतपुर) निवासी आकाश शर्मा से संपर्क किया. जब नीरज को टक्कर मारी, तो आकाश गाड़ी चला रहा था. उसके साथ गाड़ी में अरविंद निवासी गहनोली (भरतपुर) बैठा हुआ था. मोहित महिला के बारे में जानकारी मुहैया करवा रहा था. जबकि रोहित घटनास्थल के पास बाइक लेकर खड़ा था.
घटनास्थल से भागे आरोपी, सेवर पहुंचे:
4 जुलाई को नीरज को टक्कर मारने के बाद गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई थी. इसलिए आकाश और अरविंद गाड़ी छोड़कर रोहित के साथ बाइक पर बैठकर भागे. उन्होंने मोहित को नारायणसिंह सर्किल से बस में बिठाया और खुद बाइक से आगे निकल गए. मोहित और रोहित दोनों से दौसा में मिले. जहां से वे अलग-अलग बाइक पर सेवर के लिए निकले. एक के बाद एक करके चारों बदमाशों को हिरासत में लिया और पूछताछ में सारी कड़ियां जुड़ती चली गई.
पहले रैकी की फिर दिया वारदात को अंजाम:
डीसीपी ने कहा, कार की टक्कर से महिला की मौत की जानकारी मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की, तो सामने आया कि तेज गति से आई एक स्कॉर्पियो ने महिला को टक्कर मारी. थाने के हेड कांस्टेबल दयाराम को जानकारी मिली कि सफेद रंग की एक स्कॉर्पियो आकाश नाम के लड़के के पास है. उसके साथ दो-तीन अन्य लड़के भी देखे गए. जो भरतपुर की तरफ के रहने वाले हैं. पड़ताल में सामने आया कि सफेद रंग की गाड़ी घटना वाले दिन से पहले कई बार कल्याण नगर थर्ड में देखी गई. यह बात सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुख्ता हो गई.
सीसीटीवी फुटेज से पहचान, तकनीकी रूप से पीछा:
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गाड़ी की तलाश शुरू की और गाड़ी चौपाटी पर खड़ी मिली. जिसकी आगे और पीछे की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगी थी. आगे दाहिनी तरफ की हेडलाइट और बंपर पर टक्कर के निशान मिले. मौके पर गाड़ी लावारिस मिली. टक्कर के समय जो लोग गाड़ी में बैठे थे. वे फरार हो गए. पुलिस ने तकनीकी आधार पर उनका पीछा किया, तो उनमें से एक की लोकेशन भरतपुर के सेवर में आई. पुलिस ने मथुरा, दौसा, भरतपुर और आगरा में दबिश देकर पांच लोगों को हिरासत में लिया. उनसे पूछताछ में आयुषी, बलराम और मोहन स्वरूप का नाम सामने आया. फिलहाल, बलराम फरार है।
