University Seminar on Rajasthani Language and Literature – JVB Ladnu

 विश्वविद्यालय के राजस्थानी भाषा और साहित्य,संगोष्ठी JVB Ladnu

University Seminar on Rajasthani Language and Literature – JVB Ladnu

विश्वविद्यालय के राजस्थानी भाषा और साहित्य केे विभागाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत व्यास ने संगोष्ठी की विषयवस्तु के बारे में जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय में राजस्थानी विभाग की स्थापना का इतिहास बताया और वर्तमान में बीए, एमए में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों तथा 12 शोधार्थियों व जेआरएफ ले रहे शोध-छात्रों की जानकारी दी। उन्होंने संगोष्ठी के सभी अतिथियों का परिचय प्रस्तुत करते हुए स्वागत किया। उन्होंने बताया कि इस संगोष्ठी का उद्देश्य तेरापंथ और राजस्थानी साहित्य की ओलखाण करवाना है। 300 साल पहले तेरापंथ की स्थापना हुई। पहले आचार्य भिक्षु ने राजस्थानी में ही साहित्य की रचना की। कार्यक्रम छा़ाओं के मंगल गान से प्रारम्भ हुआ। अतिथियों का स्वागत प्रो. जिनेन्द्र कुमार जैन, प्रो. बीएल जैन, प्रो. लक्ष्मीकांत व्यास, डॉ. वंदना कुंडलिया आदि द्वारा किया गया। अंत में आभार ज्ञापन सहायक आचार्य डॉ. जियाराम ने किया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में राजस्थानी साहित्यकार मदन सैनी, सुरेश सालवी, गौरीशंकर प्रजापत, पूनम आचार्य, प्रो. दामोदर आचार्य, डॉ. लिपि जैन, डॉ. सुनीता इंदौरिया आदि के साथ राजस्थानी भाषा विभाग के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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