अग्निसार क्रिया: पेट की चर्बी कम करने का अचूक उपाय
योगाचार्य ढाकाराम
मुस्कुराता हुआ नमन प्यारे मित्रों,
आज हम बात करेंगे एक एसी योग क्रिया के बारे में जो न सिर्फ आपके पेट की चर्बी कम करेगी, बल्कि आपके समग्र स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएगी। यह है – अग्निसार क्रिया।
अग्निसार क्रिया क्या है?
अग्निसार क्रिया एक प्राचीन योगासन है, जो पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। इस क्रिया को करने से पेट में एक तरह की आंतरिक आग जलाई जाती है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी पिघलने लगती है।
अग्निसार क्रिया करने का तरीका:
- सम स्थिति में खड़े हों: दोनों पैरों को कंधे की चौड़ाई पर रखें और घुटनों को थोड़ा मोड़ें।
- हाथों को जांघों पर रखें: हथेलियों को घुटनों से थोड़ा ऊपर रखें।
- सांस बाहर निकालें: पूरी तरह से सांस बाहर निकालें और फिर सांस को रोकें।
- पेट को अंदर-बाहर करें: पेट को अंदर खींचें और फिर बाहर की ओर धकेलें। इस क्रिया को तब तक दोहराएं जब तक आप सांस रोक सकें।
- जब सांस लेने में परेशानी हो, तो रुक जाएं और कुछ देर आराम करें।
अग्निसार क्रिया के फायदे:
- पेट की चर्बी कम होती है: नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी कम होती है।
- पाचन तंत्र मजबूत होता है: यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।
- पेट के अंगों को मजबूत बनाता है: यह पेट के अंगों की मालिश करता है और उन्हें मजबूत बनाता है।
- तनाव कम होता है: अग्निसार क्रिया तनाव कम करने में मदद करती है।
कौन न करें अग्निसार क्रिया:
- गर्भवती महिलाएं
- हर्निया या अल्सर के रोगी
- हृदय रोग के रोगी
- पेट दर्द की अवस्था में
ध्यान रखने योग्य बातें:
- अग्निसार क्रिया को हमेशा खाली पेट ही करें।
- शुरुआत में धीरे-धीरे अभ्यास करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
निष्कर्ष:
अग्निसार क्रिया एक बेहतरीन यौगिक है जो आपके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। नियमित अभ्यास से आप एक स्वस्थ और फिट जीवन जी सकते हैं।
आप सभी का बहुत-बहुत आभार आप नियमित योग अभ्यास करें अपने तन मन और आत्मा को स्वस्थ रखें आप सभी खुश रहें मस्त रहें आनंदित रहें और परमपिता परमेश्वर अनुकंपा आप सभी पर ऐसे ही बरसाते रहें
योगाचार्य ढाका राम
संस्थापक, योगापीस संस्थान
Agnisar Kriya: A surefire way to reduce belly fat
