Blood donation camp & e-learning program of Yogapeace grandly launched.

रक्तदान शिविर एवं योगपीस संस्थान के ई-लर्निंग कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ

रक्तदान शिविर एवं योगपीस संस्थान के ई-लर्निंग कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ

जयपुर।
अखिल भारतीय सामायिक स्वाध्याय संघ, योगपीस संस्थान एवं नवलखा परिवार के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को हीरा पन्ना अपार्टमेंट, एम.डी. सर्किल, जयपुर में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर स्व. श्री माकरे सापकोटा एवं स्व. श्री शुभचंद नवलखा (स्व. पदमचंद नवलखा के सुपुत्र) की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया। शिविर को एसडीएमएच हॉस्पिटल, जयपुर का सहयोग प्राप्त रहा।

Blood donation camp & e-learning program of Yogapeace grandly launched.
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शिविर में युवाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान किया। आयोजकों ने बताया कि “एक रक्तदाता, सदैव जीवनदाता” के संदेश के साथ यह आयोजन न केवल जरूरतमंदों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध होगा, बल्कि समाज में सेवा और संवेदना की भावना को भी सशक्त करेगा।

इसी अवसर पर योगपीस संस्थान के ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का भी औपचारिक शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य योग को जन-जन तक डिजिटल माध्यम से पहुँचाना है। इस नए कार्यक्रम का नाम “आनंदम् (Anandam) – Now Yoga Anytime Anywhere” रखा गया है, जो *समग्र स्वास्थ्य (Holistic Health) और आंतरिक आनंद पर केंद्रित है।

कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त योगगुरु योगाचार्य ढाकाराम ने कहा,

> “जब व्यक्ति के मन में आनंद और शांति होती है, तो वह स्वतः ही संघर्ष और हिंसा से दूर होता जाता है। यही भावना एक ब्लिसफुल वर्ल्ड का निर्माण करती है। योग केवल अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।”

योगाचार्य ढाकाराम विश्वभर में अपने टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम्स और केवल योग आधारित रोग उपचार पद्धति के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि उनके योग उपचार में किसी भी प्रकार के सप्लीमेंट या दवाइयों का प्रयोग नहीं किया जाता।

उन्होंने कहा,

> “Your Anand is your Right – Yoga is the Only Way.
> आनंद आपका अधिकार है और योग ही वह मार्ग है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलन में लाता है।”

योगपीस संस्थान का यह ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म देश-विदेश में बैठे साधकों के लिए एक नई पहल है, जिसके माध्यम से अब लोग कभी भी, कहीं भी योग सीख और अभ्यास कर सकेंगे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं, अतिथियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।

यह आयोजन सेवा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक चेतना—तीनों को एक सूत्र में पिरोने वाला एक प्रेरणादायी प्रयास सिद्ध हुआ।

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