ऋषिकेश में योगाचार्य ढाकाराम ‘इंटरनेशनल योग श्री रत्न अवॉर्ड’ से सम्मानित ऋषिकेश, 2 नवंबर 2026। स्वामी जीतानंद योग संस्थान समिति द्वारा ऋषिकेश में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योगासन चैंपियनशिप में प्रख्यात योग गुरु एवं योगापीस संस्थान, जयपुर के संस्थापक योगाचार्य ढाकाराम को योग के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘इंटरनेशनल योग श्री रत्न अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। समारोह में योगाचार्य ढाकाराम को योगी करणपाल के करकमलों से प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वामी जीतानंद, स्वामी सुनील भगत एवं आचार्य विपिन जोशी सहित अनेक संत, योगाचार्य एवं योग साधक उपस्थित रहे। योगाचार्य ढाकाराम को यह सम्मान योग के प्रचार-प्रसार, योग शिक्षा के विस्तार तथा योग चिकित्सा के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उनके निरंतर प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। पिछले कई दशकों से योग के क्षेत्र में समर्पित योगाचार्य ढाकाराम ने योग को केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित न रखकर स्वस्थ, संतुलित और आनंदमय जीवन जीने का माध्यम बनाने पर विशेष जोर दिया है। योग के प्रति उनका समर्पण और सेवाभाव अनेक लोगों के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। ऋषिकेश की पावन धरती पर प्राप्त यह सम्मान योगाचार्य ढाकाराम की वर्षों की साधना, सेवा और योग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

ऋषिकेश में योगाचार्य ढाकाराम ‘इंटरनेशनल योग श्री रत्न अवॉर्ड’ से सम्मानित

संपादक सुभाष चंद्र शर्मा

ऋषिकेश में योगाचार्य ढाकाराम ‘इंटरनेशनल योग श्री रत्न अवॉर्ड’ से सम्मानित

Yogacharya Dhakaram honored with ‘International Yoga Shri Ratna Award’ in Rishikesh

ऋषिकेश, 2 नवंबर 2026। स्वामी जीतानंद योग संस्थान समिति द्वारा ऋषिकेश में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योगासन चैंपियनशिप में प्रख्यात योग गुरु एवं योगापीस संस्थान, जयपुर के संस्थापक योगाचार्य ढाकाराम को योग के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘इंटरनेशनल योग श्री रत्न अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।

समारोह में योगाचार्य ढाकाराम को योगी करणपाल के करकमलों से प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वामी जीतानंद, स्वामी सुनील भगत एवं आचार्य विपिन जोशी सहित अनेक संत, योगाचार्य एवं योग साधक उपस्थित रहे।

योगाचार्य ढाकाराम को यह सम्मान योग के प्रचार-प्रसार, योग शिक्षा के विस्तार तथा योग चिकित्सा के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उनके निरंतर प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।

पिछले कई दशकों से योग के क्षेत्र में समर्पित योगाचार्य ढाकाराम ने योग को केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित न रखकर स्वस्थ, संतुलित और आनंदमय जीवन जीने का माध्यम बनाने पर विशेष जोर दिया है। योग के प्रति उनका समर्पण और सेवाभाव अनेक लोगों के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।

ऋषिकेश की पावन धरती पर प्राप्त यह सम्मान योगाचार्य ढाकाराम की वर्षों की साधना, सेवा और योग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

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