वियतनाम में योगाचार्य ढाकाराम जी को ‘योगश्री अवॉर्ड’ एवं ‘हो ची मिन्ह पुरस्कार’
हनोई, वियतनाम: भारत की योग परंपरा के प्रतिष्ठित शिक्षक योगाचार्य ढाकाराम जी को योग शिक्षा, वैश्विक प्रसार, समग्र स्वास्थ्य तथा भारत–वियतनाम मैत्री को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान के लिए वियतनाम में प्रतिष्ठित ‘योगश्री अवॉर्ड’ एवं ‘हो ची मिन्ह पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
योगाचार्य ढाकाराम जी को नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हॉलिस्टिक हेल्थ SkM योगा एंड * योगा सॉन्ग खोए हनोई* द्वारा IVS International Stadium, Hanoi में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन में ‘योगश्री अवॉर्ड’ प्रदान किया गया। सम्मेलन में योग विशेषज्ञों, शिक्षकों, साधकों तथा स्वास्थ्य एवं वेलनेस क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर योग शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवनशैली तथा शांति और सद्भाव में योग की भूमिका पर चर्चा हुई।
वियतनाम यात्रा के दौरान हनोई में वियतनाम योगा फेडरेशन के अध्यक्ष श्री वू चोंग लोई (Vũ Trọng Lợi) की पुस्तक के अनावरण समारोह में भी योगाचार्य ढाकाराम जी विशेष रूप से शामिल हुए। समारोह में योग, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में योगदान के लिए चार विशिष्ट व्यक्तियों को ‘हो ची मिन्ह पुरस्कार’ प्रदान किया गया, जिनमें योगाचार्य ढाकाराम जी भी शामिल थे।
सम्मान प्राप्त करते हुए उन्होंने कहा कि ये पुरस्कार व्यक्तिगत उपलब्धि से अधिक भारत की महान योग परंपरा और उसके सार्वभौमिक मानव-कल्याणकारी संदेश का सम्मान हैं। उन्होंने कहा, “योग भारत की अमूल्य ज्ञान परंपरा है और आज यह मानवता को जोड़ने का कार्य कर रहा है।” उन्होंने योग को भारत और वियतनाम के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करने वाला सशक्त माध्यम बताया।
योगाचार्य ढाकाराम जी ने डॉ. विनोद कश्यप, डॉ. शिवम मिश्रा एवं सुश्री वू होंग येन सहित आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये सम्मान उन्हें विश्वभर में योग के माध्यम से स्वास्थ्य, शांति, सद्भाव और मानव कल्याण का संदेश पहुंचाने के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देंगे।
वियतनाम में मिले ये दोनों सम्मान भारतीय योग जगत के लिए भी गौरव का विषय हैं और विश्वभर में भारतीय योग परंपरा की बढ़ती स्वीकार्यता को रेखांकित करते हैं।
