भावी प्रशासनिक अधिकारियों को एसडीआरएफ का गुर, मिला आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक ज्ञान
• इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम व उपकरण प्रदर्शनी का आयोजन
जयपुर 26 मई। राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं (RAS and Allied Services) संयुक्त सीधी भर्ती-2024 के माध्यम से नव नियुक्त होकर आए प्रशिक्षु अधिकारियों को आपदा की स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार करने की एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। एसडीआरएफ राजस्थान के कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि सोमवार को जयपुर स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान में इन भावी प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम, लाइव डेमो और आधुनिक रेस्क्यू उपकरण प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया, ताकि वे अपने सेवाकाल में किसी भी प्रकार की आपदा के समय त्वरित और सटीक निर्णय ले सकें।
इस विशेष प्रशिक्षण सत्र के मुख्य अवसर पर अतिरिक्त महानिदेशक पुलिसआरएसी एवं एसडीआरएफ रूपिन्दर सिंघ ने शिरकत की। एडीजी सिंघ ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रशासनिक सेवाओं में आपदा प्रबंधन के महत्व, समयबद्ध आपदा राहत और विभागों के बीच आपसी समन्वय की रणनीतियों पर अपना बहुमूल्य उद्बोधन प्रदान किया। इसके पश्चात, एसडीआरएफ कमांडेंट श्री राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने राज्य में आपदा प्रबंधन की रीढ़ मानी जाने वाली एसडीआरएफ राजस्थान की कार्यप्रणाली, बल की रूपरेखा, संगठनात्मक संरचना और पूर्व में किए गए जटिल रेस्क्यू ऑपरेशंस के बारे में विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया।
रोप रेस्क्यू ड्रील और लाइव डेमो से समझाया जीवन बचाने का हुनर
व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान संस्थान परिसर में उपस्थित सभी प्रशिक्षुओं के समक्ष एसडीआरएफ की जांबाज रेस्क्यू टीम के जवानों द्वारा ‘रोप रेस्क्यू’ का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला लाइव डेमो प्रदर्शित किया गया। जवानों ने अत्याधुनिक ड्रील के माध्यम से दिखाया कि किस प्रकार ऊंची इमारतों, गहरी खाइयों या कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में फंसे आपदा पीड़ितों को सुरक्षित और त्वरित रूप से रेस्क्यू किया जाता है। इस सजीव प्रदर्शन को देखकर सभी भावी अधिकारियों ने आपदा राहत की बारीकियों को जमीन पर काम करते हुए बारीकी से समझा।
हार्ट अटैक से लेकर गैस सिलेंडर की आग तक… संकट में जीवन रक्षा की सीख
इस जनजागरूकता कार्यक्रम में केवल बड़ी आपदाएं ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में अचानक घटित होने वाली आपातकालीन घटनाओं से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षुओं को अचानक हार्ट अटैक आने पर सीपीआर देने, बाढ़ की विभीषिका से निपटने, घरेलू गैस सिलेंडर में लगी आग को सूझबूझ से बुझाने तथा भीषण सड़क दुर्घटनाओं के समय घायलों को प्राथमिक उपचार देने के गुर सिखाए गए। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी घटनास्थल पर आधिकारिक रेस्क्यू टीम के पहुंचने से ठीक पहले गोल्डन ऑवर में आम नागरिकों की मदद से किस प्रकार घायलों की जान बचाई जा सकती है।
सत्र के अंतिम चरण में प्रशिक्षु अधिकारियों को एसडीआरएफ के बेड़े में शामिल विभिन्न अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय रेस्क्यू उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन कराया गया। तकनीकी विशेषज्ञों ने इन उपकरणों की कार्यप्रणाली, क्षमता और अलग-अलग आपदाओं में इनकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से ब्रीफ किया। कार्यक्रम के समापन पर फील्ड में काम आने वाले महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र साझा किए गए, जिसमें एसडीआरएफ राजस्थान द्वारा विशेष रूप से संचालित ‘बोरवेल हेल्पलाइन नंबर’, एसडीआरएफ कंट्रोल रूम नंबर तथा आपदा राहत से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण आपातकालीन नंबरों की विस्तृत सूची प्रशासनिक अधिकारियों को नोट करवाई गई।
